छत्तीसगढ़

जिला शिक्षा अधिकारी ने किया शालाओं का आकस्मिक निरीक्षण

Shantanu Roy
30 Dec 2025 9:32 PM IST
जिला शिक्षा अधिकारी ने किया शालाओं का आकस्मिक निरीक्षण
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छग
Durg. दुर्ग। जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा द्वारा विकासखंड धमधा एवं दुर्ग अंतर्गत विभिन्न शालाओं का आज आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी स्तर तक की शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों का गहन अवलोकन किया।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री मिश्रा ने शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं करेली, कन्हारपुरी, तुमाकला, परसदाखुर्द, बोरी, सेमरिया, हसदा, लिटिया, सेवती एवं हिर्री का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी कक्षा स्तरीय दक्षताओं की जांच की। उन्होंने बारहखड़ी, इमला, पहाड़ा, धाराप्रवाह हिंदी एवं अंग्रेजी वाचन तथा हैंडराइटिंग सुधार के लिए नियमित अभ्यास पर विशेष जोर दिया। शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि बच्चों की बुनियादी समझ को मजबूत करने के लिए सतत अभ्यास कराया जाए और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इसके पश्चात श्री मिश्रा ने हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल धमधा, करेली, कन्हारपुरी, तुमाकला, बोरी, लिटिया और हिर्री का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से भेजे गए प्रश्न बैंक अनिवार्य रूप से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही पिछले पांच वर्षों के बोर्ड प्रश्न पत्रों को विद्यार्थियों से हल करवाने, उन्हीं के आधार पर प्रति सप्ताह टेस्ट परीक्षा आयोजित करने तथा मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाएं विद्यार्थियों को लौटाकर उनकी त्रुटियों को सुधारने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारी समय पर और व्यवस्थित रूप से कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। चिन्हांकित कमजोर विद्यार्थियों के लिए सीमित पाठ्यक्रम के आधार पर विशेष कक्षाएं आयोजित करने और मेधावी छात्रों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से विषय विशेषज्ञों से डाउट क्लियर कराने के निर्देश भी दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षण केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों में समझ, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल का विकास भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान संबंधित स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहे। सभी को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर प्रयास करने के लिए कहा गया।
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